ब्रह्म ज्योति 2024 : ब्राह्मण फेडरेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 23-24 को हरिद्वार में


ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन का वार्षिक समारोह एवं सम्मेलन....
ब्राह्मण हिंदू समाज में एक ’वर्ण’ होने के साथ-साथ एक जाति भी है। परंपरागत रूप से, उन्हें चार सामाजिक वर्गों में सर्वोच्च अनुष्ठानिक दर्जा दिया जाता है। वैदिक और उत्तर वैदिक काल में, उन्हें पुरोहित वर्ग, आध्यात्मिक शिक्षक, मंदिरों तक सीमित माना जाता था। बाद में उन्होंने संबंधित इलाकों में घरों के समूह की स्थापना शुरू कर दी। धीरे-धीरे, उन्होंने अपनी जन्मजात बौद्धिक प्रतिभा को अद्वितीय शिक्षाविदों, प्रशासकों, वकीलों आदि के रूप में विस्तारित किया।
सामाजिक वर्ग के रूप में ’ब्राह्मणों’ का सबसे पहला संदर्भ ’ऋग्वेद’ में है और भजन को ’पुरुष सूक्त’ कहा जाता है। ऋग्वेद के अनुसार, ब्राह्मणों को ’पुरुष’ के मुख से प्रकट होने के रूप में वर्णित किया गया है, जो शरीर का वह हिस्सा है जहाँ से शब्द निकलते हैं।
भारत में ब्राह्मण अल्पसंख्यक हैं और भले ही वे बुद्धिमान और प्रतिभाशाली हैं, लेकिन दुर्भाग्य से वे सबसे अधिक उपेक्षित, भेदभावपूर्ण और शोषित हैं। स्वतंत्रता के बाद उन्हें सबसे आगे की जातियों में रखा गया और इस प्रकार सामाजिक न्याय के नाम पर उन्हें पीछे धकेल दिया गया। योग्यता के बावजूद वे आरक्षण नीति के पहले निर्दोष शिकार हैं। उन्हें हर जगह ब्राह्मण भावनाओं के परिणामस्वरूप अपने अस्तित्व के लिए कठिन संघर्ष करना पड़ता है। कुछ स्थानों पर ब्राह्मणों को अपनी संपत्ति और सुरक्षा के लिए खतरों का सामना करना पड़ रहा है। परिणामस्वरूप, अधिकांश ब्राह्मण भाई-बहन, विशेष रूप से युवा समूह देश छोड़ चुके हैं, जिससे ब्राह्मण ड्रेन हुआ, जो कुछ और नहीं बल्कि इस देश से बुद्धि का पलायन है। जो लोग भारत में हैं, उन्हें उज्ज्वल भविष्य नहीं दिखता। इसलिए 1984 में, भारत भर के कुछ समर्पित ब्राह्मण आगे आए और एक राष्ट्रीय स्तर के संगठन- ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन का गठन किया। ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन विशाखापत्तनम में (पंजीकरण संख्या 193/1984) पंजीकृत हुआ था, जो भारत में सभी ब्राह्मण संगठनों और संघों के एक शीर्ष निकाय के रूप में एक स्पष्ट दृष्टि और मिशन के साथ भारत में ब्राह्मण समुदाय के हितों की रक्षा करने और इसकी विरासत और परंपराओं, धार्मिक भावनाओं और सांस्कृतिक लोकाचार की रक्षा करने के लिए था।
आज ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन के 29 राज्यों में राज्य इकाइयां हैं और यह भारत में 20 करोड़ ब्राह्मणों का प्रतिनिधित्व करता है। हमें किसी जाति, पंथ और धर्म के प्रति कोई द्वेष, दुश्मनी या शत्रुता नहीं है। हम राष्ट्रीय विकास के लिए अन्य सभी लोगों और समुदायों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करते हैं। हमारी प्रार्थना है- लोका समस्त सुखिनो भवन्तु। हमने कभी अकेले ब्राह्मण समुदाय के कल्याण की कामना नहीं की, बल्कि पूरे समुदाय के कल्याण की कामना की। अतीत में, हमारे देश में ब्राह्मणों को समाज द्वारा काफी सम्मान और मान्यता प्राप्त थी, परिणामस्वरूप, या तो वे पुरोहित (नगर का कल्याण चाहने वाले) बन गए या किसी मंदिर में आचार्य (वेदों, शास्त्रों, पुराणों आदि के ज्ञान और मंत्रों का स्पष्ट उच्चारण करने की क्षमता और मन और शरीर की शुद्धता के कारण)। उनमें से कुछ प्रसिद्ध कवि, लेखक, कलाकार, संगीतकार, प्रौद्योगिकीविद्, वैज्ञानिक, गणितज्ञ, विद्वान और शिक्षाविद भी बने।
अतीत में बहुत से ब्राह्मणों ने राजाओं के संरक्षण और समाज से प्यार, स्नेह और सम्मान प्राप्त किया। उनमें से काफी लोग स्कूल में शिक्षक या वैदिक बन गए क्योंकि ब्राह्मण धर्म सीखना और सिखाना, स्वयं और दूसरों के माध्यम से यज्ञ करना और प्राप्त करना और दान करना है)। अतीत में ब्राह्मणों ने कभी सत्ता की आकांक्षा नहीं की, हालांकि वे राजा निर्माता थे। न तो वे धन या संपत्ति बनाने के इच्छुक थे क्योंकि उनके जीवन का दर्शन बुद्धि प्राप्त करना था। न तो वे किसी भी तरह की हिंसा या किसी अन्य समुदाय के साथ टकराव या संघर्ष में शामिल थे। वे हमेशा न्यूनतम आवश्यकताओं और आवश्यकताओं के साथ उच्च विचारों के साथ एक सरल जीवन जीते हैं। स्वभाव से, वे हमेशा समायोजन और मिलनसार स्वभाव के साथ नरम, शांत और हानिरहित रहते थे। वे हमेशा ईश्वर में आस्था रखनेवाले और शांतिप्रिय थे। उनमें से कई ने कला से लेकर संस्कृति, संगीत से लेकर साहित्य, विज्ञान से लेकर प्रौद्योगिकी तक सभी क्षेत्रों में नाम और प्रसिद्धि हासिल की।
एक कमज़ोर अल्पसंख्यक समुदाय होने के बावजूद, इस देश की महान भारतीय संस्कृति (सनातन धर्म) और विरासत की रक्षा, अभ्यास और प्रचार में ब्राह्मणों द्वारा किए गए योगदान अन्य सभी क्षेत्रों में उनके योगदान के अलावा अभूतपूर्व हैं। अतीत में ब्राह्मणों ने कभी एकता या संघ के बारे में नहीं सोचा क्योंकि वे पूरे समाज से संबंधित थे और समाज उनका था। हाल के दिनों में, ब्राह्मण बदल रहे हैं, और “ब्राह्मणवाद“ की अवधारणा भी बहुत बदलाव से गुज़र रही है। वास्तव में, ब्राह्मण एक संकट से गुज़र रहे हैं।
ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन के उद्देश्य और लक्ष्य....
1. सभी ब्राह्मण संगठनों को समुदाय के कल्याण के लिए सामूहिक रूप से काम करने के लिए एक साथ लाना
2. देश के सभी ब्राह्मण संगठनों को ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन से संबद्ध करना
3. पूरे देश में संप्रदायों और उपसंप्रदायों के बावजूद सभी विचारधाराओं के ब्राह्मणों के बीच समझ की भावना पैदा करना और बढ़ावा देना
4. सनातन धर्म के अनुसार ब्राह्मणों और सामान्य रूप से हिंदुओं के नागरिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, आध्यात्मिक और नैतिक कल्याण में सक्रिय रुचि लेना
5. सामान्य रूप से ब्राह्मण समुदाय और हिंदू समुदाय की समस्याओं से संबंधित सभी मामलों पर खुली चर्चा के लिए एक मंच प्रदान करना
6. सेवाभावी पुरुषों और महिलाओं को ब्राह्मण समुदाय की सेवा करने के लिए प्रोत्साहित करना, जीवन के सभी क्षेत्रों में दक्षता को प्रोत्साहित करना और उच्च नैतिक मानकों को बढ़ावा देना
7. राज्य संघों को शुरू करने और उन्हें ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन से संबद्ध करने के लिए प्रोत्साहित करना, नेतृत्व करना, मार्गदर्शन करना और निर्देशित करना
8. सुशासन और नागरिकता के सिद्धांतों को बढ़ावा देना
9. सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन के लिए प्रयास करना
10. ब्राह्मण समुदाय के कल्याण के लिए ट्रस्टों और फाउंडेशनों की स्थापना में भाग लेना और प्रोत्साहित करना
11. ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन के उद्देश्यों और लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए पुस्तकें, पुस्तिकाएं, पत्रिकाएं, समाचार पत्र, पत्रिकाएं आदि प्रकाशित करना
12. समुदाय के हितों की सुरक्षा और संवर्धन के लिए प्रयास करना और उनकी उचित और वाजिब मांगों के लिए लड़ना और जाति के आधार पर समुदाय के खिलाफ सभी प्रकार के भेदभाव को खत्म करना
13. भारत के संविधान में वर्णित उचित मान्यता और अधिकारों के लिए प्रयास करना
14. पूरे समाज में वर्ग या जाति के आधार पर भेदभाव को दूर करने के लिए आवश्यक माने जाने वाले ऐसे कानूनों को बढ़ावा देने के लिए काम करना और प्रयास करना और आगे सरकार और अन्य निकायों में ब्राह्मणों के उचित प्रतिनिधित्व के लिए प्रयास करना
15. उपरोक्त लक्ष्यों और लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए अनुकूल और प्रासंगिक सभी वैध गतिविधियों को बढ़ावा देना और करना
16. “एकता में शक्ति है“, “मानव सेवा माधव सेवा“, “एक समाज सुखिनो भवन्तु“ ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन के आदर्श वाक्य हैं।
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासंघ की 40वीं वर्षगांठ का विषय....
वैश्विक स्तर पर ब्राह्मणों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने के लिए नेपाल से अभियान प्रारंभ हुआ और बांग्लादेश सहित कई देशों के ब्राह्मण प्रतिनिधि फेडरेशन से अब तक जुड़ चुके हैं । विश्व ब्राह्मण सम्मेलन एक साझा वैश्विक मंच बनाएगा और ब्राह्मण संस्कृति और विरासत को बढ़ावा देने के लिए दुनिया भर में एक मानसिकता बनाएगा। यह दुनिया भर में ब्राह्मणों के बीच अधिक एकता को बढ़ावा देगा। इसके अलावा यह सम्मेलन हमारे वैदिक सिद्धांतों और सनातन धर्म को प्रबुद्ध करेगा और बनाए रखेगा।
यह सही समय है कि हम एकजुट हों और भेदभाव, भाई-भतीजावाद, चाटुकारिता और पक्षपात के खिलाफ लड़ें। हमें हमारे वैध हिस्से से वंचित किया जा रहा है। आइए हम एकजुट हों और सामाजिक न्याय की माँग करें। हमारा दृढ़ विश्वास है कि वैश्विक स्तर पर ब्राह्मणों के कौशल और प्रतिभा की अपार संभावनाएँ हैं, लेकिन उन्हें सही तरीके से और समय पर प्राप्त नहीं जा सका है।
विश्व ब्राह्मण सम्मेलन दुनिया भर में हमारे लोगों की छिपी प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए एक साझा मंच बनाएगा। सम्मेलन में समुदाय के सामने आने वाली किसी भी चुनौती, महिलाओं और युवाओं के विशेष संदर्भ के लिए समाधान खोजने की संभावनाओं का भी पता लगाया जाएगा। उनके स्वास्थ्य और भविष्य को लेकर वास्तविक चिंता मौजूद है।
एआईबीएफ के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप ज्योति, महामंत्री पंडित पदम प्रकाश शर्मा और उनकी सक्षम टीम के गतिशील नेतृत्व में तीन दिवसीय कार्यक्रम मील का पत्थर साबित होगा। इससे पूर्व फेडरेशन का नेतृत्व करने वाले पदाधिकारी ने संगठन को सशक्त बनाकर इसका विस्तार किया है उस कार्य को वर्तमान पदाधिकारी प्रभावी ढंग सेआगे बढ़ा रहे हैं l

ब्राह्मण फेडरेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 23-24 को हरिद्वार में


हरिद्वार (व्हाट्सएप- 8875863494). ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन के चालीसवें स्थापना दिवस के अवसर पर ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन का महाधिवेशन एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक 23 व 24 नवम्बर 2024 को धर्मनगरी हरिद्वार में होने जा रही हैं.
ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव पं. पदम प्रकाश शर्मा ने बताया कि दो दिवसीय कार्यक्रम में भाग लेने 31 राज्यों से 600 ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन पदाधिकारी व प्रतिनिधि पहुंचेंगे.
महाधिवेशन मे पहुंचने वाले प्रतिनिधियों का 22 नवंबर से पंजीकरण प्रारम्भ हो जायेगा.
शनिवार 23 नवंबर 2024 को सुबह 10 बजे उद्घाटन समारोह का प्रथम सत्र प्रार्थना एवं वैदिक उच्चारण के साथ प्रारम्भ होगा जिसके मुख्य अतिथि जगतगुरु शंकराचार्य अनन्तश्री विभूषित स्वामी अच्युतानन्द तीर्थ महाराज भूमा निकेतन होंगे.
उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रदीप ज्योति करेंगे एवं उद्घाटन संबोधन विशिष्ट अतिथि पण्डित मदन कौशिक राष्ट्रीय चिन्तक, वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री उत्तराखण्ड सरकार करेंगे.
आरम्भ में सभी का स्वागत ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव पं पदमप्रकाश शर्मा करेंगे एवं ब्राह्मण फेडरेशन गतिविधियो का ब्योरा प्रस्तुत करेंगे.
पंडित शर्मा संगठन की स्थापना के चालीस वर्ष की प्रगति एवं उपलब्धियों के साथ संगठन को समर्पित संस्था प्रतिनिधियों व कार्यक्रमों पर प्रकाश डालेंगे.
उद्घाटन समारोह के समापन पर अतिरिक्त महासचिव डॉ. नरेश मोहन शर्मा आभार व्यक्त करेंगे.
ब्राह्मण फेडरेशन अध्यक्ष डॉ. ज्योति एवं महामंत्री पं. शर्मा ने बताया कि द्वितीय सत्र के अन्तर्गत बैठक में ब्राह्मण फेडरेशन की पूर्व बैठक एवं प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया जायेगा व आगामी योजनाओं को लेकर चर्चा की जायेगी.
इसी तरह कोषाध्यक्ष एडवोकेट केशव राव कोंडापल्ली आय-व्यय तथा वित्तीय विवरण प्रस्तुत करेंगें.
महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्षा एन मालिनी व युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुरेश द्विवेदी अपने संबोधन के साथ अपने प्रकोष्ठ की गतिविधियों के साथ आगामी कार्ययोजना की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे.
बैठक के दौरान राज्यवार प्रगति विवरण प्रदेशों से उपाध्यक्ष एवं सचिव द्वारा प्रस्तुत किया जायेगा तथा इनकी समीक्षा करते हुए कार्यक्रम एवं गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा कर निर्णय लिये जायेंगे, जिसके आधार पर आगामी कार्ययोजना का निर्धारण भी होगा. द्वितीय सत्र की बैठक के अन्त में अतिरिक्त महासचिव पण्डित उमाधर पाठक आभार व्यक्त करेंगे.
ब्राह्मण फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव पं पदम प्रकाश शर्मा ने बताया कि- संगठन वर्तमान में समाज की महिलाओं के सशक्तिकरण एवं समाज के युवा वर्ग के लिये शिक्षा, रोजगार एवं सशक्तिकरण पर ध्यान केन्द्रित कर योजनाओं का निर्धारण एवं क्रियान्वयन कर रहा है अतः इससे सम्बन्धित योजनाओं व गतिविधियों पर चर्चा के लिये विशेष सत्र का आयोजन किया जायेगा.
उद्घाटन दिवस पर सायं साढ़े पांच बजे सप्त सरोवर हरिद्वार में गंगा आरती में ब्राह्मण फेडरेशन प्रतिनिधि शामिल होंगे तथा रात्रि आठ बजे विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियां की ओर से भजन संध्या का आयोजन होगा.
रविवार 24 नवम्बर 2024 को कार्यक्रम की शुरूआत प्रार्थना एवं वैदिक उच्चारण के साथ होगी एवं ब्राह्मण फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव पं पदम प्रकाश शर्मा अतिथियों का स्वागत कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे.
ब्राह्मण फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रदीप ज्योति के सानिध्य में होनेवाले विभिन्न आयोजनों के दौरान संगठन के चालीस वर्षों के सफर का विशेष प्रस्तुतीकरण होगा एवं संगठन को सहयोग देनेवाले प्रतिनिधियों के साथ उपलब्धियां का भी प्रस्तुतीकरण होगा. इस दौरान ब्राह्मणों की विकास यात्रा ’कल, आज, कल’ का भी प्रस्तुतीकरण होगा.
महाधिवेशन का समापन समारोह ब्राह्मण फेडरेशन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के मार्गदर्शन में होगा जिसमें भारतीय सभ्यता, संस्कृति, ज्ञान, ध्यान, अध्यात्म, योग एवं विशिष्ट विधाएं आदि विषयों पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन मिलेगा.
इस दौरान देश के विभिन्न भागों में अपने-अपने क्षेत्रों में विशिष्ठ सेवाएं देनेवाली 40 विशिष्ठ प्रतिभाओं को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया जायेगा.
ब्राह्मण फेडरेशन के राष्ट्रीय राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रदीप ज्योति एवं महासचिव पं. पदम प्रकाश शर्मा ने बताया कि ब्राह्मण फेडरेशन राष्ट्र व समाज निर्माण के साथ सभी की सामूहिक प्रगति हेतु सतत प्रयासरत है तथा सभी के कल्याण की भावना के साथ काम कर रहा है.
उन्होंने कहा कि ब्राह्मण फेडरेशन चाहता है कि सामान्य वर्ग के गरीबों को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के क्षेत्र में राहत मिले इस बाबत केन्द्र व राज्य स्तर पर ठोस पहल आवश्यक है, जिसके तहत केंद्र स्तर पर व सभी राज्यों में राहत कोष बनाकर अग्रीम कार्यवाही की जा सकती है.उन्होंने कहा कि- सामान्य वर्ग की आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाएं आगे आये इस बाबत विशेष प्रयास किये जाने आवश्यक हैं, इस बाबत संगठन स्तर पर भी प्रयास किये जा रहे हैं और ब्राह्मण फेडरेशन से सम्बद्ध संगठन इस दिशा में सतत कार्य कर रहे हैं. उन्होंने कई राज्यों में सामान्य वर्ग के लोगों व ब्राह्मण समाज प्रतिनिधियों के कल्याणार्थ संचालित योजनाओं के अनुरूप सभी राज्यों में व्यवस्था कायम करने पर जोर दिया.
डॉ. ज्योति एवं पं. शर्मा ने कहा कि ब्राह्मण फेडरेशन देश के ब्राह्मण समाज का प्रतिनिधि संगठन है, जो सामूहिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के साथ सम्बद्ध संगठनों के माध्यम से समाज कल्याण व समाजोपयोगी गतिविधियों का प्रभावी संचालन करने में जुटा है.
उन्होंने बताया कि दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान विभिन्न सत्रों में राज्य गतिविधियों की चर्चा, आगामी कार्ययोजना निर्धारण, संगठनात्मक विस्तार एवं विभिन्न विषयों पर वरिष्ठ पदाधिकारियों के नेतृत्व में चर्चा होगी तथा खुले सत्र में देशभर से आये प्रतिनिधियों से संवाद कर ब्राह्मण फेडरेशन के भावी कार्यक्रमों का निर्धारण किया जायेगा.
उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज पुरातन काल से सभी के कल्याण व प्रगति की कामना करता आया है एवं ब्राह्मण फेडरेशन का उद्देश्य इसी भावना के साथ कार्य करना है.
उन्होंने कहा कि ब्राह्मण फेडरेशन चाहता है कि देश की पुरातन संस्कृति एवं धरोहरें सुरक्षित रहें तथा भावी पीढ़ियों के लिये समृद्ध विरासत बनी रहे.
इसी तरह ब्राह्मण फेडरेशन देवस्थानों की सुरक्षा एवं विकास हेतु भी सरकार की ठोस पहल चाहता है.
उन्होंने बताया कि ब्राह्मण फेडरेशन पदाधिकारी राज्यों में तथा वरिष्ठ प्रतिनिधि राष्ट्रीय स्तर पर नियमित रूप से ब्राह्मण फेडरेशन उद्देश्यां के अनुरूप कार्य में जुटे हैं.
उन्होंने कहा कि संगठनात्मक स्तर पर समाज के युवाओं को पुरातन धरोहर, संस्कृति, ब्राह्मण धर्म-कर्म हेतु भी प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके तहत ब्राह्मण फेडरेशन से सम्बद्ध संगठन नियमित आयोजन कर रहे हैं.

#AIBF ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन का राष्ट्रीय अधिवेशन: ब्राह्मण प्रतिनिधि एकजुट हो,जागरूक बने और प्रगति करे!

पुष्कर (9-10 जून 2024). ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन का राष्ट्रीय अधिवेशन रविवार को अखिल भारतीय दाधीच सेवा परिसर पुष्कर में फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ प्रदीप ज्योति की अध्यक्षता में प्रारंभ हुआ l कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में फेडरेशन के राष्ट्रीय महामंत्री पंडित पदम प्रकाश शर्मा, राजस्थान ब्राह्मण महासभा के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष सुभाष पाराशर एवं सेवानिवृत्ति प्रशासनिक अधिकारी कुंजमोहन शर्मा मौजूद रहेl


अध्यक्षता करते हुए डॉक्टर प्रदीप ज्योति ने कहा कि ब्राह्मण समाज के समक्ष कई चुनौतियां हैं और समाज के प्रभावी विकास के लिए समाजजनो को एकजुट व जागरुक होकर एक दूसरे का सहयोग करते हुए प्रगति के पथ पर अग्रसर होने की जरूरत है l डॉक्टर ज्योति ने कहा कि आर्थिक आरक्षण का प्रभावी क्रियान्वयन तथा ब्राह्मण वेलफेयर कॉरपोरेशन व ब्राह्मण कोश का राष्ट्रीय स्तर व राज्यों में गठन के माध्यम से ब्राह्मण समाज जनों के लिए कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन संगठन की प्राथमिकता में है l उन्होंने कहा कि सादा जीवन उच्च विचार और सभी के कल्याण की कामना के साथ कार्य करने वाले ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों को कई क्षेत्रों में समस्या का सामना करना पड़ रहा है l इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मामले में समाजजनों में जागरूकता का संचार करने पर बल दिया l उन्होंने आर्थिक आरक्षण की तकनीकी कमियों में सुधार और अतार्किक कानून की समस्या का समाधान, सामाजिक न्याय व राहत के दायरे में सामान्य वर्ग के ब्राह्मणों को लिए जाने की आवश्यकता व कई राज्य सरकारों द्वारा ब्राह्मण वर्ग को सहयोग नही करने के मुद्दे पर विशेष प्रकाश डालते हुए देश के विभिन्न राज्यों में संचालित कार्यक्रम व गतिविधियों की जानकारी दी l उन्होंने सनातन धर्म के संरक्षण और सनातन धर्म की संस्कृति व धरोहरों को प्रभावी ढंग से भावी पीढ़ी तक पहुंचने पर भी बल दिया l

राष्ट्रीय महासचिव पंडित पदम प्रकाश शर्मा ने अपने संबोधन में संगठन की ओर से किए जा रहे विभिन्न प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संगठन द्वारा देश के सभी ब्राह्मण समाज जनों को एकजुट करने हेतु सतत प्रयास किया जा रहे हैं, उन्होंने आर्थिक आरक्षण से जुड़ी समस्याओं, एट्रोसिटी एक्ट के दुरुपयोग, देवस्थानों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने के प्रयास, हरिद्वार में परशुराम घाट की स्थापना व भगवान परशुराम की प्रतिमा लगाने की उपलब्धि, सांसद व विधानसभा में ब्राह्मण प्रतिनिधियों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की मांग, ब्राह्मण धर्म व कर्म के अनुरूप आचरण को भावी पीढ़ी तक विरासत के रूप में पहुंचने के प्रयास, भारतीय परंपराओं को ज्ञान योग, आयुर्वेद, संस्कृत भाषा, ज्योतिष आदि को बढ़ावा देने के साथ ही देश में ब्राह्मण वेलफेयर कॉरपोरेशन के गठन तथा राज्यों में स्थापना के साथ ब्राह्मण कल्याण कोष बनाने के मुद्दे पर संगठन के प्रयासों से अवगत करवाया l

अधिवेशन में विशिष्ट अतिथि सुभाष पाराशर ने समाज की सशक्तिकरण के लिए विशेष प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया l अधिवेशन में विशेष अतिथि कुंज मोहन शर्मा ने वर्तमान परिपेक्ष में ब्राह्मण एकजूटता पर प्रकाश डाला फेडरेशन के मीडिया सलाहकार प्रदीप द्विवेदी ने विचार व्यक्त करते हुए संगठन की ओर से संचालित विभिन्न कार्यक्रम व गतिविधियों को प्रभावी बनाने सुझाव दिए तथा फेडरेशन की वेबसाइट व डिजिटल न्यूज़ लेटेस्ट प्रकाशन पर प्रकाश डाला l

कोषाध्यक्ष एस हरिहरन ने फेडरेशन के आय व्यय विवरण का प्रस्तुतीकरण किया l राष्ट्रीय सचिव पंडित सुरेश द्विवेदी ने फेडरेशन  की पूर्व बैठक के कार्य बिंदुओं व प्रस्ताव की जानकारी दी l अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में रमेश ओझा, ब्रह्मचारी हरिचरण दास, उदय कुमार, श्रद्धा सारंगी, यशपाल तिवारी, सुरेश शर्मारागिनी रावल, निधि शर्मा, संजीव शर्मा, कविता मिश्रा आदि ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखें l

उद्घाटन सत्र के आरंभ में अतिथियों ने भगवान परशुराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा श्रीमती संतोष गजाधर शर्मा ने गणपति वंदना तथा स्वागत गीत प्रस्तुत किया l कार्यक्रम के आरंभ में अतिथियों का स्वागत फेडरेशन के राष्ट्रीय पदाधिकारी गजाधर शर्मा, पूनम चंद पारीक, लोकेंद्र शर्मा आदि ने माल्यार्पण कर किया l

अधिवेशन के उद्घाटन सत्र का संचालन फेडरेशन के राष्ट्रीय सलाहकार एडवोकेट केसी दवे ने किया एवं अंत में आभार कार्यक्रम आयोजन के सहसंयोजक पंडित गजाधर शर्मा ने व्यक्त किया l अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में पंजीकरण की प्रक्रिया को कोषाध्यक्ष एस हरिहरन व सहयोगी वी के श्रोत्रिय ने पूर्ण किया तथा बैठक करवाई विवरण को राष्ट्रीय सचिव सुरेश द्विवेदी व सहयोगी प्रमोद  शर्मा ने लिपिबद्ध किया l

बैठक के दौरान विभिन्न गतिविधि एवं कार्यक्रमों में फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात मिश्रा, लोकेंद्र शर्मा, राष्ट्रीय सचिव अश्विनी तिवारीनिधि शर्मा गोविंद जोहरी, पंकज मिश्रा, आर नरसिम्हन आदि ने भाग लिया l अधिवेशन की स्थानीय कार्य व्यवस्था में फेडरेशन से संबंधित संगठनों के जुड़े कैलाश चंद्र जोशी, ओम प्रकाश शर्मा, शिव प्रसाद व्यास, संतोष शर्मा आदि में सहयोग कियाl

पाराशर, मालिनी व द्विवेदी को नई जिम्मेदारी दी....

अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में ब्राह्मण फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ प्रदीप ज्योति एवं महामंत्री पंडित पदम प्रकाश शर्मा ने फेडरेशन के कार्यवाहक अध्यक्ष के तौर पर पंडित सुभाष पाराशर, महिला प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पद पर एन मालिनी एवं युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पद पर सुरेश द्विवेदी को मनोनीत करने की घोषणा की जिसका स्वागत  किया गयाl


#Haridwar ब्राह्मण फेडरेशन के चालीसवें स्थापना दिवस पर देश और दुनिया के प्रतिनिधि जुटेंगे हरिद्वार में, सर्व देव चालीसा का लोकार्पण

पुष्कर (9-10 जून 2024). ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक सोमवार को पुष्कर के दाधीच धर्मशाला में फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ प्रदीप ज्योति की अध्यक्षता तथा राष्ट्रीय सलाहकार के सी दवे, फेडरेशन के राष्ट्रीय महामंत्री पदम प्रकाश शर्मा एवं कार्यवाहक अध्यक्ष पंडित सुभाष पाराशर के विशिष्ट अतिथि मे समापन हुआजिसमें फेडरेशन के 40 से स्थापना दिवस को हरिद्वार में भव्य तरीके से आयोजित किए जाने, सनातन धर्म के प्रभावी प्रचार प्रसार और भारतीय सभ्यता, संस्कृति और विरासत को भावी पीढ़ी तक पहुंचाने तथा देश में ब्राह्मण फेडरेशन के संगठनात्मक  पर विस्तार का निर्णय लिया गया l इस मौके पर फेडरेशन के उपाध्यक्ष डॉ अनंत शर्मा द्वारा तैयार धर्म कर्म साहित्य सर्वदेव चालीसा का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया l

इस अवसर पर डॉ प्रदीप ज्योति ने कहा कि फेडरेशन का 40 वर्ष स्थापना दिवस अक्टूबर में हरिद्वार में भव्य तरीके से आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश के फेडरेशन प्रतिनिधि, पदाधिकारी व समाजजन भाग लेंगे l उन्होंने फेडरेशन के संगठनात्मक विस्तार की जानकारी देते हुए कहा कि फेडरेशन के वरिष्ठ पदाधिकारी को क्षेत्रवार जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी तथा विभिन्न क्षेत्रों में नियमित बैठकों का आयोजन व समीक्षा कर संगठनामक विस्तार हेतु सुझाव देने के निर्देश दिए l डॉ ज्योति ने कहा कि सनातन धर्म के साथ भारतीय सभ्यता, संस्कृति और विशेषताओं को देश की भावी पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लेते हुए इससे संबंधित कार्य को गति दी जाएगी l

विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय महामंत्री पंडित पदम प्रकाश शर्मा ने इस अवसर पर फेडरेशन की गतिविधियों व कार्य के विस्तार की जानकारी देते हुए बताया कि फेडरेशन से संबद्ध संगठनों की ओर से देश के विभिन्न प्रदेशों में शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, सामाजिक उन्नयन, साहित्य निर्माण एवं वितरण खेलकूद आदि विभिन्न विषयों को लेकर नियमित आयोजन किया जा रहे हैं और इन सभी आयोजनों की सूचना व व्यवस्थाओं की जानकारी देने फेडरेशन स्तर पर एक मार्गदर्शिका का प्रकाशन भी शीघ्र किया जाएगा l

विशिष्ट अतिथि कार्यवाहक अध्यक्ष पंडित सुभाष पाराशर ने इस अवसर पर भारतीय सभ्यता, संस्कृति और सनातन धर्म से युवा व किशोर वर्ग को जोड़ने के साथ ही धर्म-कर्म के प्रति समाज के प्रतिनिधियों को प्रेरित करने का भी आग्रह किया l

बैठक में फेडरेशन के राष्ट्रीय सलाहकार के सी दवे, मीडिया सलाहकार प्रदीप द्विवेदी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेश चंद्र शर्मा, युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुरेश द्विवेदीराष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एस हरीहरण व वी के क्षोत्रीय राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गजाधर शर्मा, लोकेंद्र शर्मा, राष्ट्रीय सचिव अश्विनी तिवारी, रमेश ओझा सहित विभिन्न प्रदेशों से आए फेडरेशन के पदाधिकारी व प्रतिनिधि आदि ने भी विचार व्यक्त किए l बैठक का संयोजन एडवोकेट केसी दवे ने किया तथा अंत में आभार व्यक्त राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पंडित गजाधर शर्मा ने किया l

सर्व देव चालीसा का लोकार्पण.... 

ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ प्रदीप ज्योति, राष्ट्रीय महामंत्री पदम प्रकाश शर्मा, सलाहकार कै सी दवे, उपाध्यक्ष डॉ अनंत शर्मा, कोषाध्यक्ष एस हरिहरन, मीडिया प्रभारी प्रदीप द्विवेदी, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष सुरेश द्विवेदी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गजाधर शर्मा, संगठन पदाधिकारीयो रमेश ओझा, समाजसेवी महेश ओझा आदि ने सर्व देव पूजा साहित्य का लोकार्पण सोमवार को दाधीच धर्मशाला में किया l इस मौके पर वक्ताओं ने धर्म कर्म से समाज की युवा पीढ़ी को अवगत कराने के लिए उन्हें धर्म कर्म क्रियाकलापो व गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित करने तथा साहित्य उपलब्ध कराने पर जोर दिया ताकि वह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक सभ्यता और विरासत से रूबरू हो सके l ध्यान रहे डॉ शर्मा के मार्गदर्शन में विविध साहित्य व समाज उपयोगी गतिविधियों का नियमित संचालन किया जाता है इसके तहत मासिक सुंदरकांड सहित विभिन्न धार्मिक और धर्म कर्म से जुड़ी गतिविधियों का प्रभावी संचालन नियमित रूप से हो रहा है ताकि इस दिशा में जागरूकता का संचार हो सके!

पुष्कर में 9-10 जून 2024 को आयोजित ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन के राष्ट्रीय अधिवेशन की झलकियां....








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हरिद्वार में ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन द्वारा विकसित किये जा रहे भगवान परशुराम घाट पर भगवान परशुराम की मूर्ति स्थापना (2023)....


 

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय समयपरंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैंक्योंकि यहां दिया जा रहा हरिद्वार का समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!

* प्रदीप द्विवेदी, ज्योतिर्संपादक (व्हाट्सएप- 6367472963)

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